नई दिल्ली:– ओडिशा के पुरी स्थित विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में गुरुवार 5 मार्च को एक विशेष और रहस्यमय धार्मिक परंपरा ‘बनकलगी’ के कारण मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए करीब चार घंटे तक बंद रहेंगे। मंदिर प्रशासन के अनुसार शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक दर्शन पूरी तरह स्थगित रहेंगे,
क्योंकि इस दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की मूर्तियों का विशेष श्रृंगार किया जाएगा, जिसे ‘श्रीमुख श्रृंगार’ भी कहा जाता है। इस अनुष्ठान में भगवान के मुखमंडल पर प्राकृतिक रंगों, जड़ी-बूटियों, कस्तूरी और कपूर से विशेष लेप लगाया जाता है, जिससे उनकी दिव्यता और आकर्षण को और निखारा जाता है।
परंपरा के अनुसार यह पूरा अनुष्ठान बेहद गोपनीय तरीके से किया जाता है और मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, जिसमें केवल दत्ता महापात्र वर्ग के चुनिंदा सेवायत ही शामिल होते हैं। सदियों से चली आ रही इस परंपरा को सख्त अनुशासन और श्रद्धा के साथ निभाया जाता है। इसी बीच मंदिर प्रशासन ने अनुशासन को लेकर सख्ती दिखाते हुए तीन सेवायतों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिन पर हाल ही में एक अनुष्ठान में देरी करने, अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने और मंदिर के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने उनसे सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है और कहा है कि आरोप सही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जगन्नाथ मंदिर की परंपराएं भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं और ‘बनकलगी’ अनुष्ठान भी ऐसी ही एक रहस्यमय परंपरा है, जिसे लेकर भक्तों में गहरी आस्था और जिज्ञासा बनी रहती है।













