छत्तीसगढ़ :-:चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ी पहल हुई है। राज्य गठन के 26 साल बाद प्रदेश को पहला शासकीय होम्योपैथी कॉलेज मिला है। नवा रायपुर स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी को इसकी मंजूरी मिली है। इससे राज्य के युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी। अब स्थानीय छात्रों को पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
बीएचएमएस की 63 सीटों पर प्रवेश
राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग नई दिल्ली के चिकित्सा आकलन एवं रेटिंग बोर्ड ने यह अनुमति दी है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी की जगह होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी की तरेसठ सीटों पर प्रवेश मिलेगा। कॉलेज प्रबंधन के सामने अब कई नई जिम्मेदारियां आ गई हैं।
पूरी करनी होंगी आयोग की शर्तें
यह अनुमति पूरी तरह से सशर्त दी गई है। कॉलेज प्रबंधन को राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग की सभी शर्तें पूरी करनी होंगी। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए योग्य शिक्षकों की नियुक्ति जरूरी होगी। इसके अलावा पर्याप्त संसाधन, प्रयोगशालाएं और पुस्तकालय स्थापित करने होंगे। छात्रों को सभी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं समय पर उपलब्ध करानी होंगी।







