*मध्यप्रदेश :* जब कोई महिला गर्भवती होती है, तो उसके शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं. इस दौरान हार्मोनल, शारीरिक और भावनात्मक स्तर पर कई उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं. जब महिला गर्भावस्था के आखिरी महीने में होती है, तब डॉक्टर अक्सर उसे स्तनों की मालिश या ब्रेस्ट मसाज करने की सलाह देते हैं. गर्भावस्था का आखिरी महीना बहुत ही खास होता है. जिसमें महिला का शरीर बच्चे को जन्म देने की तैयारी करने लगता है. एक्सपर्ट के अनुसार ब्रेस्ट मसाज से कई फायदे होते हैं. आइए जानते हैं यहां पर…*ब्रेस्ट टिश्यू को आराम देना*गर्भावस्था के आखिरी दिनों में स्तनों पर अधिक दबाव पड़ता है. स्तनों की मांसपेशियों और टिश्यू में तनाव और सूजन आ जाती है. ऐसे में ब्रेस्ट की हल्की मालिश करना बहुत ही फायदेमंद होता है. मालिश से स्तनों की मांसपेशियों में दर्द और खिंचाव दूर होता है। टिश्यू को भी आराम मिलता है. इससे रक्त संचार बेहतर होता है जिससे स्तन पर्याप्त दूध बनाने के लिए तैयार हो जाते हैं. प्रसव के बाद स्तनपान के लिए भी यह ज़रूरी होता है कि स्तन पूरी तरह तैयार हों. *दूध के प्रवाह को बढ़ावा देना*मालिश करते समय स्तनों से एक हार्मोन ऑक्सीटोसिन रिलीज होता है. यह हार्मोन दूध निर्माण और दूध के प्रवाह को बढ़ावा देता है. इसके अलावा, मालिश से निप्पल के आस-पास के एरियोला को बाहर की तरफ तैयार किया जाता है ताकि बच्चे को स्तनपान कराना आसान हो. इस प्रकार, स्तनों की मालिश से मां का दूध बनने लगता है और बच्चे को पर्याप्त मात्रा में स्तनपान कराया जा सकता है. यह मां और बच्चे के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है. *प्रसव पीड़ा को कम करना*प्रसव के दौरान महिलाओं को अधिक पीड़ा होती है. स्तनों की मालिश से रिलीज होने वाले एंडोर्फिन हार्मोन्स इस प्रसव पीड़ा को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं. इसलिए डॉक्टर आमतौर पर प्रसव से पहले ब्रेस्ट मसाज करने की सलाह देते हैं।











