मध्यप्रदेश:- एमआरआई का पूरा नाम मैग्नेटिक रिजोंनेस इमेजिंग है। यह एक तरह की स्कैनिंग मशीन है। इसमें बहुत ही शक्तिशाली और नियंत्रित विद्युत क्षेत्र, रेडियो तरंगें और कंप्यूटर टेक्नोलॉजी शामिल होती है।एमआरआई कराने के लिए जब भी हम जाते हैं तो वहां का स्टाफ पहले ही बता देता है कि धातु से बनी हुई चीजें भूलकर भी नहीं ले जानी हैं। यहां तक कि शरीर से सारे गहने तक उतरवा दिए जाते हैं। कई लोगों को लगता है कि शायद साफ-सफाई या इंफेक्शन न फैले, इसके लिए ऐसा किया जाता है। लेकिन यह असली वजह नहीं है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर आप इसकी असली वजह समझ जाएंगे और फिर भूलकर भी उस कमरे में धातु की वस्तुएं लेकर नहीं जाएंगे। भले ही वह आपके किसी जानने वाले का ही अस्पताल क्यों न हो।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर एकाउंट से यह वीडियो शेयर किया गया है। आप देख सकते हैं कि वहां एक एमआरआई मशीन रखी हुई है। स्टाफ एक-एक चीज को उसके पास ले जाता है और मशीन हर चीज को चुंबक की तरह अपनी ओर खींच लेती है। यहां तक कि एक शख्स ने लोहे की कुर्सी भी उसे दिखाई और एमआरआई मशीन से उसे भी अपनी ओर खींच लिया।वीडियो देखकर आप समझ गए होंगे कि इसमें एक ताकतवर चुंबक लगा हुआ है जो लोहे की बनी चीजों को अपनी ओर तेजी से खींच लेता है।
एमआरआई प्रक्रिया से पहले आपको अस्पताल का गाउन पहनना होगा और जो भी धातु की चीजें आपने पहनी हैं उन्हें निकालना होगा। स्कैन के दौरान आपको रिट्रैक्टेबल टेबल पर सीधे लेटना होगा। फिर यह टेबल गुंबद के आकार के स्कैनर के अंदर जाएगा। अन्दर या तो पहले आपका सिर जायेगा या पैर। जब आप एक एमआरआई मशीन के अंदर लेटते हैं, तो चुंबकीय क्षेत्र अस्थायी रूप से आपके शरीर में पानी के अणुओं को पुन: व्यवस्थित करता है। रेडियो तरंगें इन व्यवस्थित हुए परमाणु से संकेतों का उत्पादन करती हैं। इनका उपयोग क्रॉस-सेक्शनल एमआरआई चित्रों को बनाने के लिए किया जाता है। ये चित्र ऐसे बनते हैं जैसे कि रोटी के ऊपर रोटी रखी जाती है।











