नई दिल्ली:– मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा दिए जाने और इसके अपमान पर 3 साल तक की सजा का प्रावधान लागू होने के दावों ने देशभर में सियासी और सामाजिक बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया और कुछ प्लेटफॉर्म्स पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही है कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन कर ‘वंदे मातरम’ को कानूनी रूप से राष्ट्रगान के बराबर दर्जा दे दिया है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई स्पष्ट और आधिकारिक सरकारी अधिसूचना या पुष्टि सामने नहीं आई है।
वायरल दावों में कहा जा रहा है कि यदि कोई व्यक्ति ‘वंदे मातरम’ के गायन में बाधा डालता है या उसका अपमान करता है तो उसे 3 साल तक की सजा हो सकती है, और दोबारा ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान भी बताया जा रहा है। साथ ही इसे राष्ट्रगान, तिरंगे और संविधान के समान श्रेणी में रखने की बात भी कही जा रही है। इन दावों को वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ और हालिया राजनीतिक घटनाओं से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
हालांकि, संवैधानिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे किसी भी बड़े बदलाव के लिए स्पष्ट अधिसूचना और कानूनी प्रक्रिया जरूरी होती है, जिसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना अनिवार्य है। फिलहाल, इस मुद्दे पर सरकार की ओर से कोई विस्तृत पुष्टि नहीं आई है, इसलिए इन दावों की सत्यता को लेकर स्थिति साफ होना बाकी है। ऐसे में नागरिकों को सलाह दी जा रही है कि वे किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि जरूर करें।













