छत्तीसगढ़:– मुख्यमंत्री मोहन यादव राजधानी भोपाल के रविंद्र भवन में कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण प्रशिक्षण एवं कार्यशाला में शामिल हुए। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड, पैक्स समितियों में सदस्यता वृद्धि का महा-अभियान और किसानों के लिए टोल फ्री सीएम किसान हेल्पलाइन 155253 की शुरुआत की। इसके अलावा उन्होंने सीएम किसान हेल्पलाइन से कनेक्ट होकर कृषि संबंधी जानकारी भी ली।
कार्यक्रम में CM मोहन ने कहा ‘कृषक कल्याण वर्ष में 16 विभाग एक साथ मिलकर पवित्र भाव से कार्य कर रहे हैं। यह कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला हम सभी के लिए नया अनुभव होगा। आज उद्यानिकी, सहकारिता, पशुपालन, मत्स्य पालन जैसे कई विभागों को जोड़कर सरकार किसान कल्याण के लिए आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता के बलबूते कई असंभव कार्यों को लक्ष्य तक पहुंचाया है। प्रदेश में दूध क्रांति हो रही है। किसानों को 8 से 7 रुपए प्रति लीटर ज्यादा दूध के दाम मिलने लगे हैं।’
खेती के लिए युवाओं को प्रेरित करने की जरूरत
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा ‘बारिश के बाद होने वाली रबी की फसल पहले भगवान भरोसे होती थी, लेकिन आज खेत-खेत तक नहरों के माध्यम से सिंचाई सुविधा और पंप से सिंचाई के लिए बिजली पहुंच गई है। समय बदल रहा है। अब किसान दो नहीं, बल्कि ग्रीष्मकाल में तीसरी फसल भी लेने लगे हैं। कृषक परिवारों से आने वाले युवा डॉक्टर, इंजीनियर बनना चाहते हैं, लेकिन खेती को भी लाभ का जरिया बनाया जा सकता है। इसके लिए युवाओं को प्रेरित करने की आवश्यकता है।
पराज्य में किसान हितैषी सरकार
कार्यक्रम में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा ‘मुख्यमंत्री ने किसानों की खुशहाली के लिए पूरा वर्ष कृषक कल्याण को समर्पित किया है। हर जिले में कृषि मेला आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यशाला के माध्यम से कृषि कर्मयोगियों के साथ मंथन हो रहा है। राज्य में किसान हितैषी सरकार है। मुख्यमंत्री किसानों की परेशानियों के लिए चिंतित है।
16 विभागों के 1627 अधिकारियों का चयन
कृषि विभाग सचिव निशांत बरवड़े ने कहा ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसेवकों को कर्मयोगी की संज्ञा दी है। कृषक कल्याण वर्ष में मुख्यमंत्री की प्रेरणा से आज सभी 55 जिले, विकासखंड, क्लस्टर लेवल और ग्राम पंचायतों से कृषि से जुड़े 16 विभागों के 1627 चुनिंदा अधिकारियों और कर्मचारियों को कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला में आमंत्रित किया है। इसमें कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, मत्स्य पालन विभाग, उद्यानिकी विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, मार्केटिंग फेडरेशन, बीज निगम, कृषि अभियांत्रिकी विभाग एवं अन्य विभाग शामिल हैं।












