छत्तीसगढ़:–कांग्रेस हो चुकी है पीडीएफ याने पर्दा डालो फोर्स
कांग्रेस को गरीबों की नहीं, अपने करीबियों की चिंता है – डॉ. नवीन मार्कण्डेय
भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नकटी ग्राम में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही को लेकर कांग्रेस अब निम्न स्तरीय राजनीति कर रही है। कांग्रेस नकटी ग्राम के भोले-भाले लोगों को गुमराह करके बरगला रही है, और उन्हें गलत दिशा में ले जाकर आंदोलन कर रही है। डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि यह सारा कृत्य कांग्रेस का किया-धरा है, लेकिन अब कांग्रेस अपनी उस करतूत को भूल नया पाखण्ड रचने में लगी है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. मार्कण्डेय ने आरोप लगाया कि आज नकटी का जो प्रकरण चल रहा है, उसकी स्क्रिप्ट बहुत पहले सन् 2020 में पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के शासनकाल में लिखी गई थी। उस समय हाउसिंग बोर्ड के जरिए वहां आवासीय कॉलोनी तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हुई। हाउसिंग बोर्ड द्वारा जमीन मांगे जाने पर। पटवारी, आरआई व तहसीलदार ने चिह्नांकित कर सारी विधिसम्मत प्रक्रिया पूरी कर शासन को सौंपी गई। इसी दरम्यान 2022 में वहां आवासीय कॉलोनी बनने की जानकारी मिलते ही 2022-23 में वहाँ कब्जाधारियों की बाढ़ आ गई। पहले वहां लगभग 3 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा था, जिस पर कच्चे मकान चिन्हांकित हुए। डॉ. मार्कण्डेय ने बताया कि नियमानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों को आवास के लिए ढाई डिस्मिल जमीन दी जाती है। लेकिन यहां के कई लोगों ने 10 से 17-20 हजार वर्गफीट जमीन पर कब्जा कर लिया है और उन लोगों ने 50 लाख रुपए मूल्य तक के मकान, बाड़ी बना ली है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि नया राजधानी क्षेत्र के तहत नकटी ग्राम तीसरे लेयर का गांव है और इस लिहाज से उसका चरणबद्ध विकास होना है। पूर्ववर्ती भूपेश सरकार ने आवासीय विकास के लिए जगह का चिन्हाकित कर प्रक्रिया पूरी की, उस नजरिए से वहां अतिक्रमण बढ़ा और लोगों ने आवश्यकता से अधिक जमीन पर कब्जा किया। डॉ. मार्कण्डेय ने कहा वि अब इस मामले को लेकर कांग्रेस राजनीति कर रही है। गलत दिशा में ले जाकर लोगों को उकसाया जा रहा है। कांग्रेसी नेताओं को इस बात का जवाब देना चाहिए कि क्या अवैध कब्जों को वे प्रश्रय देते हैं या देना चाहते हैं? क्या अवैध कब्जा कांग्रेस के लोग पूरे प्रदेश में कराना चाहते हैं? जब कांग्रेस की सरकार थी तो सभी शासकीय भूमि को बेचने के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया था, और उस समय कांग्रेस ने बड़े-बड़े नेता तक ने एकड़ों में रियायती दर खरीदें। गरीबों के शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास एवं अन्य प्रयोजन के लिए जो शासकीय जमीन होती है, उसे भी कब्जा करके कांग्रेस शासनकाल में बेचा गया है। बाद में हाईकोर्ट ने इस आदेश को निरस्त किया।
भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी एक करतूत को छिपाने के लिए दूसरों पर आरोप मढ़ रहे हैं। कांग्रेस ने पिछले समय 122 परिवारों को सेरीखेड़ी में बेघर किया। कांग्रेस का राजनीतिक चरित्र इतना पतित हो गया है कि उस समय गरीबों को सेरीखेड़ी में हटाया गया, उन गरीबों को न एक इंच जगह तक दी गई और न ही एक कोई मकान दिया। डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि आज घड़ियाली आंसू बहाकर कांग्रेसी प्रदेश की भाजपा सरकार पर आरोप लगा रही है कि भाजपा गरीबों के खिलाफ हैं। गरीबों के खिलाफ तो कांग्रेस शुरू से रही है। गरीबी हटाने का नारा देते हुए कांग्रेसी गरीबी नहीं, गरीबों को ही मिटाने का काम करते रहे हैं। लेकिन भाजपा सरकार ने इस समय पिछले एक साल मे लगातार नकटी ग्राम के बाहर शासकीय जमीन पर अवैध कब्जाधारियों को नोटिस देते हुए उनके व्यवस्थापन की भी प्रक्रिया की। डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि 29 जून को 61 परिवारों को आवास आबंटित किया और पंजी पर हस्ताक्षर करके ये सब आवास की चाबी लेकर नया रायपुर के सेक्टर-30 में शिफ्ट हुए। इसीलिए शासन-प्रशासन ने कब्जा हटाने की प्रक्रिया की तो उन परिवारों की जरूरत की चीजों तक को नुकसान भी नहीं पहुंचाया।
भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि इतनी सब कुछ व्यवस्थित प्रक्रिया कांग्रेस को रास नहीं आई। कांग्रेस प्रदेश में ढाई साल से बैकफुट पर है, किसी प्रकार का मुद्दा नहीं है, जनहित की कोई बात नहीं कर रही है। इसलिए अब झूठे नैरेटिव सेट करके कांग्रेस लोगों को उकसाने के लिए आंदोलन कर रही है। डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश की भाजपा सरकार संवेदनशील होकर जन हित में कार्य कर रही है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि कांग्रेस द्वारा यह झूठा नैरेटिव सेट किया जा रहा है कि नकटी गांव को तोड़ दिया गया है। श्री श्रीवास ने कहा कि हमारी सरकार ने नकटी गांव को नहीं तोड़ा है। नकटी गांव में कुल 17 वार्ड हैं। उसमें से एक वार्ड, जहां पर कब्जा हुआ था, उनको विस्थापित किया गया है। बार-बार जो यह कहा जा रहा है कि विधायकों के लिए आवास बन रहा है, वह भी सच नहीं है। इन आवासों में अधिकारी-कर्मचारी भी रहेंगे। यह सामूहिक आवास योजना की प्रकिया है।
इस दौरान पत्रकार वार्ता में रायपुर शहर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष श्याम नारंग, जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप यदु उपस्थित रहे।





