नई दिल्ली ,:– सनातन धर्म में स्वप्न शास्त्र का बेहद खास महत्व है। स्वप्न शास्त्र के मुताबिक, सपने से जीवन में होने वाली शुभ-अशुभ घटनाओं के संकेत मिलते हैं। कुछ सपने शुभ होते हैं, तो कुछ सपने जीवन में सतर्क होने के संकेत देते हैं। अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा कि रात में देखा गया हर सपना सच साबित होता है।
तो इसका जवाब है नहीं। स्वप्न शास्त्र में बताया गया है कि किसी सपने के सच होने या फिर न होने में पहर की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, तो ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि रात के किस पहर में देखे गए सपने सच होते हैं।
रात के 4 पहर और सपनों का फल
पहला पहर रात 7 बजे से 10 बजे तक होता है। इस पहर में देखे गए सपने का फल काफी समय के बाद मिलता है।
दूसरा पहर रात 10 बजे से 01 बजे तक होता है। दूसरे पहर के दौरान देखे गए सपने फल 6 महीने के अंदर आपके जीवन में दिख सकता है।
तीसरा पहर रात 01 बजे से 03 बजे तक होता है। इस दौरान देखे गए सपने जल्दी सच साबित होते हैं।
चौथा पहर सुबह 3 बजे से 6 बजे तक होता है। इस समय को ब्रह्म मुहूर्त कहा जाता है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में देखे गए सपने सबसे जल्दी सच साबित होते हैं और इन सपनों का प्रभाव अधिक शक्तिशाली माना गया है।
इन बातों का रखें ध्यान
यदि आपने ब्रह्म मुहूर्त में कोई अच्छा सपना देखा है, तो उसके बाद आपको दोबारा नहीं सोना चाहिए। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में सपने देखने बाद के दोबारा सो जाने से शुभ सपने का प्रभाव खत्म हो जाता है।
अगर आपने कोई शुभ सपना देखा है, तो उस सपने के बारे में किसी को नहीं बताना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि शुभ सपने के बारे में बताने से उसका शुभ फल कम या फिर खत्म हो जाता है।
शुभ सपने देखने पर क्या करें?
शुभ सपने को देखने पर सुबह उठकर स्नान करें और इष्टदेव, कुलदेवता का ध्यान करें। इसके बाद भविष्य के इस शुभ संकेत के लिए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें। इसके अलावा मंदिर या गरीब लोगों में अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें।








