छत्तीसगढ़ :- युवाओं को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनाने के लिए राज्य सरकार एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना लेकर आई है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन के रूप में संचालित होने वाली इस योजना पर सरकार अगले पांच साल में 500 करोड़ रुपए खर्च करेगी। खास बात ये है कि इस योजना की प्रशासनिक एवं शासन संरचना (गवर्नेस) के लिए बनने वाली समिति की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे। समिति मिशन को शीर्ष स्तर पर रणनीतिक मार्गदर्शन और प्रगति की समीक्षा प्रदान करेगी।
इस मिशन की आवश्यकता क्यों पड़ी, इसका मुख्य आधार ये है कि 2011 के आंकड़ों के अनुसार राज्य ब के कुल कार्यबल में किसानों (32.87%) और कृषि मजदूरों (41.80%) की हिस्सेदारी लगभग 74.7 प्रतिशत है। वहीं पीएलएफएस 2022-23 के अनुसार कृषि, वानिकी और मछली पालन में यह हिस्सा 62.6% है, जो कि राष्ट्रीय औसत (45.8%) से काफी अधिक है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ‘फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025’ के मुताबिक, वर्ष 2030 तक आज के करीब 39 प्रतिशत कौशल अप्रासंगिक हो जाएंगे। आगामी पांच वर्षों में राज्य को 18 से 22 लाख गैर-कृषि औपचारिक रोजगारों की आवश्यकता होगी।
ये होगी संरचना
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समितिः यह मिशन को शीर्ष स्तर पर रणनीतिक मार्गदर्शन और प्रगति की समीक्षा प्रदान करेगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित यह समिति वार्षिक कार्य योजनाओं, वित्तीय स्वीकृतियों और दिशानिर्देशों को मंजूरी देगी। ‘इन्वेस्ट छत्तीसगढ़’ (छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम के तहत नोडल एजेंसी) इस मिशन की केंद्रीय संचालन और क्रियान्वयन इकाई होगी। इस मिशन के माध्यम से ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों, आकांक्षी जिलों, महिलाओं और पहली पीढ़ी के उद्यमियों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे छत्तीसगढ़ को कुशल मानव संसाधन और आधुनिक विनिर्माण का एक मजबूत केंद्र बनाया जा सके।
मिशन के प्रमुख स्तंभ
यह मिशन दो पूरक विकास इंजनों (कौशल विकास व रोजगार तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम) पर आधारित है, जो निम्नलिखित चार स्तंभों के माध्यम से संचालित होगा। नवाचार एवं प्रौद्योगिकी आधार बनाने के लिए राज्य के सभी 33 जिलों में ‘जिला नवाचार एवं उद्यमिता विकास केंद्र और विद्यालयों-महाविद्यालयों में 100 ‘इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब्स’ की स्थापना की जाएगी। आधुनिक विनिर्माण तकनीक, स्टार्टअप इनक्यूबेशन और कौशल विकास के लिए 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर ‘लिविंग इनोवेशन कैंपसेस’ के रूप में विकसित किए जाएंगे।
40 हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
परिणाम-आधारित औपचारिक रोजगार कार्यक्रम ( निपुण जॉब इंजिन) के तहत 40 हजार युवाओं को सत्यापित औपचारिक रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य है। यह दो ट्रैक्स पर काम करेगा- ट्रैक ए के तहत छत्तीसगढ़ के बाहर के बड़े औद्योगिक केंद्रों में प्लेसमेंट (प्रति वर्ष 84 हजार रुपयों तक की सहायता) और ट्रैक बी के तहत छत्तीसगढ़ के स्थानीय उद्योगों में नए औपचारिक रोजगार सृजन पर सहायता प्रति वर्ष 48 हजार रुपए दिए जाएंगे। यह लाभ केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को मिलेगा। स्टार्टअप्स के फंडिंग गैप को भरने के लिए 100 करोड़ रुपयों का राज्य-समर्थित अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड बनाया जाएगा, जिसमें राज्य सरकार एंकर निवेशक के रूप में 50 करोड़ रुपयों का योगदान देगी।








