नई दिल्ली : भारत में सभी वाहनों के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र का होना अनिवार्य है। पीयूसी प्रमाणपत्र इस बात का प्रमाण है कि आपके वाहन का उत्सर्जन मुनासिब सीमा के अंदर है। आप किसी भी अधिकृत पीयूसी टेस्टिंग सेंटर से पीयूसी प्रमाणपत्र हासिल कर सकते हैं।
हालांकि पीयूसी प्रमाणपत्र हासिल करने की प्रक्रिया प्राथमिक रूप से ऑफलाइन है। क्योंकि इसमें वाहन को परीक्षण के लिए ले जाना शामिल है। फिर भी आप उत्सर्जन के लिए परीक्षण किए जाने के बाद प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि ऐसा कैसे कर सकते हैं। पीयूसी सेंटर पर अपने वाहन की टेस्टिंग करवाने और शुल्क का भुगतान करने के बाद, वैध प्रमाणपत्र को या तो केंद्र से ही हासिल किया जा सकता है। या फिर इसे वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। यदि आपने इसे खो दिया है या यह नहीं मिल रही है, तो प्रमाणपत्र को ऑनलाइन डाउनलोड करना आपके लिए आसान है। हालांकि डाउनलोड करते समय यह मान्य होना चाहिए।
परिवहन सेवा की आधिकारिक वेबसाइट पर वाहन पोर्टल पर जाएं और फिर “पीयूसी प्रमाणपत्र” टैब पर क्लिक करें। यहां अपने वाहन का पंजीकरण संख्या और चेसिस संख्या दर्ज करें।
अगले खुलने वाले पन्ने पर, “पीयूसी डिटेल्स हासिल करें” पर क्लिक करें। यदि आपके पास वैध पीयूसी प्रमाणपत्र है, तो आप इसे इस पन्ने से डाउनलोड कर सकते हैं। यदि आपके पास वैध पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं है, तो आपको अधिकृत पीयूसी परीक्षण केंद्र पर जाना होगा।
पीटीआई
यहां ध्यान दें कि नए मोटरसाइकिल और कारों के लिए पीयूसी प्रमाणपत्र एक साल के लिए वैध होता है। जिसके बाद आपको हर छह महीने में इसे रिन्यू करना होगा। वैध पीयूसी प्रमाणपत्र न होने पर आपको कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि अवैध पीयूसी सर्टिफिकेट के साथ वाहन चलाने पर छह महीने तक की जेल या 1,000 रुपये के जुर्माने के दंड का प्रावधान है।













