दुबई: रविवार (9 मार्च) को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीत लिया है. स्पिनरों के शानदार प्रदर्शन की वजह से भारत ने न्यूजीलैंड को 251/7 पर रोक दिया, और फिर कप्तान रोहित शर्मा के 83 गेंदों पर 76 रनों की विस्फोटक पारी और केएल राहुल के नाबाद 34 रनों की पारी ने भारत को चार विकेट से जीत दिला दी.
चैंपियंस ट्रॉफी जीत के बाद कहां होगा टीम इंडिया का जश्नचैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद भारतीय फैंस अब ये जानना चाहते हैं कि टीम इंडिया के खिलाड़ी दुबई से कब रिटर्न हो रहे हैं और वो कहां पर जीत का जश्न मनाएंगे, इन तमाम प्रश्न का जवाब हम इस स्टोरी में देंगे. दरअसल भारत ने 2013 चैंपियंस ट्रॉफी में आखिरी बार जीत हासिल करने के बाद 50 ओवरों का आईसीसी खिताब हासिल किया है, जिस की वजह से हर कोई सोच रहा है कि इस जीत की भी जश्न 2024 में टी20 विश्व कप जीतने के बाद मुंबई के मरीन ड्राइव और वानखेड़े स्टेडियम में मनाए गए जश्न के जैसा ही होगा.भारतीय खिलाड़ी दुबई से अलग-अलग अपने घर के लिए रवाना होंगेलेकिन अगर कोई फैंस यह उम्मीद कर रहा है कि दुबई में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद भारतीय टीम अपने घर पहुंचने पर शानदार जश्न मनाएगी, तो ऐसा होना नामुमकिन है. क्योंकि न्यूज एजेंसी आईएएनएस को पता चला है कि भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी दुबई से अलग-अलग अपने-अपने घर के लिए रवाना होंगे. पूरी टीम एक साथ देश वापस नहीं आ रही है.
भारतीय खिलाड़ी अपनी IPL टीम से जुड़ने से पहले छोटा ब्रेक लेंगेएजेंसी को यह भी पता चला है कि भारतीय खिलाड़ी अपनी-अपनी आईपीएल टीमों से जुड़ने से पहले एक छोटा ब्रेक लेंगे, क्योंकि IPL का 18 वां सीजन 22 मार्च से शुरू हो रहा है. जिसकी वजह से तमाम दस टीमों ने अपने प्री-सीजन कैंप शुरू कर दिए हैं.टीम इंडिया के जश्न मनाने की संभावना कम होने की एक वजह ये भीभव्य जश्न मनाने की संभावना कम होने की एक वजह ये भी है कि सोमवार (10 मार्च) से मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में डब्ल्यूपीएल 2025 का अंतिम चरण खेला जाएगा, जिस में सुरक्षा कारणों से जीत का भव्य जश्न मनाना संभव नहीं होगा.गौतम गंभीर आज शाम को नई दिल्ली के एयरपोर्ट पर पहुंचेंगेइस बीच, भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर सोमवार शाम को नई दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे. दुबई में 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जीतना गंभीर का पिछले साल जुलाई में कार्यभार संभालने के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में पहला बड़ा खिताब है.












